Advanced Search
Welcome to Anuvada Sampada Repository

स्कूली शिक्षा में जनजातियों की भागीदारी - रूमानियत से परे कुछ विचारणीय मुद्दे

कोहली, अमित (2021) स्कूली शिक्षा में जनजातियों की भागीदारी - रूमानियत से परे कुछ विचारणीय मुद्दे पाठशाला भीतर और बाहर, 9. pp. 33-42.

[img] Fulltext Document
स्कूली शिक्षा में जनजातियों की भागीदारी - रूमानियत से परे कुछ विचारणीय मुद्दे.pdf

Download (268kB)

Introduction

प्रस्तुत लेख, देश में जनजातियों के लिए किए गए शिक्षा के प्रयासों को रखता है। कई सरकारी और ग़ैर-सरकारी प्रयासों के बावजूद इन समुदायों के अधिकांश बच्चे उच्च शिक्षा तक नहीं पहुँच पाते। लेख में इस सन्दर्भ में स्कूल के मौजूदा ढाँचे, उसमें अपनाए जाने वाले शिक्षण के तरीक़ों, शिक्षण की विषयवस्तु आदि पर चर्चा करता है। आग्रह है कि जनजातियों की शिक्षा को लेकर उपरोक्त सभी पर पुनर्विचार की ज़रूरत है। जनजातियों की शैक्षिक प्रगति को बेहतर करने के लिए क्या किया जा सकता है इस पर भी कुछ सुझाव रखे गए हैं।

Item Type: Article
Discipline: Education
Programme: University Publications > Pathshala Bheetar Aur Baahar
Creators(English): Amit Kohli
Publisher: Azim Premji University
Journal or Publication Title(English): Paathshala Bheetar aur Bahar
URI: http://anuvadasampada.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/2234
.
Edit Item Edit Item

Disclaimer

Translated from English to Hindi/Kannada by Translations Initiative, Azim Premji University. This academic resource is intended for non-commercial/academic/educational purposes only.

अनुवाद पहल, अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा अँग्रेज़ी से हिन्दी में अनूदित। इस अकादमिक संसाधन का उपयोग केवल ग़ैर-व्यावसायिक, अकादमिक एवं शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।

ಅಜೀಂ ಪ್ರೇಮ್‍ಜಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಅನುವಾದ ಉಪಕ್ರಮದ ವತಿಯಿಂದ ಇದನ್ನು ಇಂಗ್ಲೀಷ್‍ನಿಂದ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸಂಪನ್ಮೂಲವನ್ನು ವಾಣಿಜ್ಯೇತರ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಉದ್ದೇಶಗಳಿಗೆ ಬಳಸಬಹುದಾಗಿದೆ.