क्या शिक्षा शान्ति में सहायक हो सकती है? (भाग-1)
कुमार, कृष्ण (2019) क्या शिक्षा शान्ति में सहायक हो सकती है? (भाग-1) शिक्षा विमर्श. pp. 17-21. ISSN 2231-0509
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Introduction
यह लेख सुप्रसिद्ध शिक्षाविद कृष्ण कुमार द्वारा लिखित चार भागों की शृखंला का पहला हिस्सा है, जो शिक्षा और शान्ति के अन्तर्सम्बन्धों की गहरी पड़ताल करता है। लेखक इस बुनियादी सवाल से शुरुआत करते हैं कि क्या शिक्षा वास्तव में शान्ति स्थापित करने में मदद करती है या यह संघर्षों को और गहरा बनाती है। लेख में भारत और पाकिस्तान की इतिहास की पाठ्यपुस्तकों के तुलनात्मक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया गया है कि कैसे राष्ट्रीय पाठ्यचर्या साझा अतीत को अलग-अलग दृष्टिकोणों से प्रस्तुत करती है। लेखक के अनुसार, बच्चों का प्राथमिक सामाजीकरण (घर पर) और गौण सामाजीकरण (स्कूल में) मिलकर एक ऐसी सामूहिक अस्मिता और पूर्वाग्रह का निर्माण करते हैं, जहाँ 'दूसरे' के प्रति शंका की गुंजाइश बनी रहती है। यह लेख शान्ति शिक्षा की दार्शनिक और व्यावहारिक चुनौतियों को समझने का एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है।
| Item Type: | Article |
|---|---|
| Discipline: | Education |
| Programme: | Works of Partner Organisations > Digantar > Shiksha Vimarsh |
| Title(English): | Can Education Contribute to Peace? (Part-1) |
| Creators(English): | Krishna Kumar |
| Publisher: | Digantar |
| Journal or Publication Title(English): | Shikhsha Vimarsh |
| Related URLs: | |
| URI: | http://anuvadasampada.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5640 |
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Disclaimer
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ಅಜೀಂ ಪ್ರೇಮ್ಜಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಅನುವಾದ ಉಪಕ್ರಮದ ವತಿಯಿಂದ ಇದನ್ನು ಇಂಗ್ಲೀಷ್ನಿಂದ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸಂಪನ್ಮೂಲವನ್ನು ವಾಣಿಜ್ಯೇತರ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಉದ್ದೇಶಗಳಿಗೆ ಬಳಸಬಹುದಾಗಿದೆ.
