गणित शिक्षण भाग-IV: संख्याएँ-गिनना
रविकान्त, (2021) गणित शिक्षण भाग-IV: संख्याएँ-गिनना शिक्षा विमर्श. pp. 13-18. ISSN 2231-0509
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Introduction
यह लेख इस मौलिक प्रश्न पर गहराई से विचार करता है कि 'किसी संख्या को जानने' का वास्तविक अर्थ क्या है। लेखक के अनुसार, संख्या ज्ञान केवल अंकों को पहचानने या रटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मात्रा, संख्या-नाम और उनके आपसी सम्बन्धों की एक जटिल समझ है। लेख में प्रभावी ढंग से गिनने की पाँच अनिवार्य शर्तों की व्याख्या की गई है, जिसमें क्रमबद्धता, एक-से-एक संगति (One-to-one correspondence) और कार्डिनलिटी (अन्तिम संख्या का पूरे समूह को दर्शाना) जैसे बिन्दु शामिल हैं। लेखक शिक्षकों को इस बात के लिए प्रेरित करते हैं कि वे बच्चों को रटन्त पद्धति से दूर ले जाकर संख्याओं के अर्थ और उनके व्यावहारिक पहलुओं से जोड़ें, ताकि गणित की एक मज़बूत और तार्किक बुनियाद तैयार हो सके।
| Item Type: | Article |
|---|---|
| Discipline: | Education |
| Programme: | Works of Partner Organisations > Digantar > Shiksha Vimarsh |
| Title(English): | Mathematics Teaching Part-IV: Numbers—Counting |
| Creators(English): | Ravikant |
| Publisher: | Digantar |
| Journal or Publication Title(English): | Shikhsha Vimarsh |
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| URI: | http://anuvadasampada.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5645 |
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Disclaimer
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अनुवाद पहल, अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा अँग्रेज़ी से हिन्दी में अनूदित। इस अकादमिक संसाधन का उपयोग केवल ग़ैर-व्यावसायिक, अकादमिक एवं शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
ಅಜೀಂ ಪ್ರೇಮ್ಜಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಅನುವಾದ ಉಪಕ್ರಮದ ವತಿಯಿಂದ ಇದನ್ನು ಇಂಗ್ಲೀಷ್ನಿಂದ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸಂಪನ್ಮೂಲವನ್ನು ವಾಣಿಜ್ಯೇತರ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಉದ್ದೇಶಗಳಿಗೆ ಬಳಸಬಹುದಾಗಿದೆ.
