नई तालीम' के सामयिक तथा विचारात्मक सन्दर्भ
सेठी, अनिल (2021) नई तालीम' के सामयिक तथा विचारात्मक सन्दर्भ शिक्षा विमर्श. pp. 10-17. ISSN 2231-0509
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Introduction
यह लेख महात्मा गाँधी की 'नई तालीम' की संकल्पना को उनके व्यापक दार्शनिक जीवन-दर्शन के सन्दर्भ में पुनर्व्याख्यायित करने का प्रयास करता है। लेखक का तर्क है कि नई तालीम को केवल एक शिक्षा पद्धति के रूप में नहीं, बल्कि गाँधी के 'सत्य के प्रयोगों', 'अभयदानम' और 'प्रबुद्ध अराजकता' जैसे क्रान्तिकारी विचारों के अभिन्न हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। लेख में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल साक्षरता नहीं, बल्कि मनुष्य का सर्वांगीण विकास और एक न्यायपूर्ण समाज का निर्माण है। वर्तमान समय में, जब शिक्षा वैश्विक चुनौतियों से जूझ रही है, यह लेख 'पूर्ण सम्भावना' (Absolute Possibility) की बात करता है, जहाँ छोटे समूह भी अपने मौलिक शैक्षिक प्रयोगों से समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
| Item Type: | Article |
|---|---|
| Discipline: | Education |
| Programme: | Works of Partner Organisations > Digantar > Shiksha Vimarsh |
| Title(English): | Contemporary and Conceptual Contexts of 'Nai Talim' |
| Creators(English): | Anil Sethi |
| Publisher: | Digantar |
| Journal or Publication Title(English): | Shikhsha Vimarsh |
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| URI: | http://anuvadasampada.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5653 |
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Disclaimer
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ಅಜೀಂ ಪ್ರೇಮ್ಜಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಅನುವಾದ ಉಪಕ್ರಮದ ವತಿಯಿಂದ ಇದನ್ನು ಇಂಗ್ಲೀಷ್ನಿಂದ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸಂಪನ್ಮೂಲವನ್ನು ವಾಣಿಜ್ಯೇತರ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಉದ್ದೇಶಗಳಿಗೆ ಬಳಸಬಹುದಾಗಿದೆ.
