राष्ट्रवाद और भारतीय शिक्षा से भगत सिंह का मतलब
मदान, अमन (2019) राष्ट्रवाद और भारतीय शिक्षा से भगत सिंह का मतलब शिक्षा विमर्श. pp. 7-16. ISSN 2231-0509
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Introduction
यह लेख शहीद भगत सिंह के विचारों के माध्यम से राष्ट्रवाद और शिक्षा के अन्तर्सम्बन्धों पर एक गम्भीर वैचारिक पड़ताल प्रस्तुत करता है। लेखक का मुख्य तर्क है कि भगत सिंह केवल एक साहसी क्रान्तिकारी ही नहीं, बल्कि एक गहरे अध्येता और विचारक भी थे। लेख में भगत सिंह के 'विद्यार्थी और राजनीति' लेख का सन्दर्भ देते हुए बताया गया है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल क्लर्क पैदा करना नहीं, बल्कि युवाओं में स्वतंत्र सोच और दुनिया को बदलने का ज़ज्बा पैदा करना होना चाहिए। लेखक 'अन्ध-राष्ट्रवाद' बनाम 'तार्किक राष्ट्रवाद' की बहस छेड़ते हैं और यह स्पष्ट करते हैं कि भगत सिंह के लिए राष्ट्रवाद का अर्थ जाति, धर्म और वर्ग के शोषण से मुक्ति था। यह लेख वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में भगत सिंह की बौद्धिक विरासत की प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।
| Item Type: | Article |
|---|---|
| Discipline: | Education |
| Programme: | Works of Partner Organisations > Digantar > Shiksha Vimarsh |
| Title(English): | Bhagat Singh's Vision of Nationalism and Indian Education |
| Creators(English): | Amman Madan |
| Publisher: | Digantar |
| Journal or Publication Title(English): | Shikhsha Vimarsh |
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| URI: | http://anuvadasampada.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5657 |
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