आज़ाद भारत में नई तालीम का प्रयोग
मिश्र, ऋषभ कुमार (2021) आज़ाद भारत में नई तालीम का प्रयोग शिक्षा विमर्श. pp. 39-43. ISSN 2231-0509
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Introduction
यह लेख चितरंजन दास द्वारा वर्ष 1950 में उड़ीसा के चम्पातीमुण्डा में स्थापित एक 'उत्तर-बुनियादी' विद्यालय के प्रयोग और उसके अनुभवों पर आधारित है । दास ने 'लेटर्स फ्रॉम अ फॉरेस्ट स्कूल' पुस्तक के माध्यम से इस विद्यालय की विशिष्टताओं और इसकी विफलता के कारणों का विश्लेषण किया है । विद्यालय का मुख्य उद्देश्य प्रकृति, उद्योग और समुदाय के समन्वय से विद्यार्थियों में स्वावलम्बन, अहिंसा और 'विचारों का स्वराज' विकसित करना था । यहाँ शिक्षा केवल किताबी ज्ञान न होकर जीवन के अनुभवों और व्यावहारिक कौशल पर आधारित थी । हालाँकि, सरकारी नौकरशाही के दबाव, परीक्षा-केन्द्रित व्यवस्था की अनिवार्यता और समाज में बढ़ती 'नौकरी' की आकांक्षा के कारण यह अभिनव प्रयोग लगभग चार वर्षों के बाद बन्द हो गया ।
| Item Type: | Article |
|---|---|
| Discipline: | Education |
| Programme: | Works of Partner Organisations > Digantar > Shiksha Vimarsh |
| Title(English): | The Experiment of 'Nai Talim' in Independent India |
| Creators(English): | Rishabh Kumar Mishra |
| Publisher: | Digantar |
| Journal or Publication Title(English): | Shikhsha Vimarsh |
| Related URLs: | |
| URI: | http://anuvadasampada.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5635 |
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Disclaimer
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अनुवाद पहल, अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा अँग्रेज़ी से हिन्दी में अनूदित। इस अकादमिक संसाधन का उपयोग केवल ग़ैर-व्यावसायिक, अकादमिक एवं शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
ಅಜೀಂ ಪ್ರೇಮ್ಜಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಅನುವಾದ ಉಪಕ್ರಮದ ವತಿಯಿಂದ ಇದನ್ನು ಇಂಗ್ಲೀಷ್ನಿಂದ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸಂಪನ್ಮೂಲವನ್ನು ವಾಣಿಜ್ಯೇತರ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಉದ್ದೇಶಗಳಿಗೆ ಬಳಸಬಹುದಾಗಿದೆ.
