किशोरों के जीवन में संवैधानिक साक्षरता
मिश्र, नवेन्दु and जायसवाल, गौरव and कुमार, शिरीष (2021) किशोरों के जीवन में संवैधानिक साक्षरता शिक्षा विमर्श. pp. 43-49. ISSN 2231-0509
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Introduction
यह लेख किशोरों के बीच संवैधानिक मूल्यों और नागरिक उत्तरदायित्वों को विकसित करने के एक व्यावहारिक अनुभव पर आधारित है। लेखकों का मानना है कि लोकतंत्र की मज़बूती के लिए नागरिकों का संवैधानिक रूप से साक्षर होना अनिवार्य है। 'अग्रणी' संस्था के माध्यम से किए गए इस प्रयोग में बच्चों को ग्राम सभा की कार्यप्रणाली, अधिकारों और कर्तव्यों से रूबरू कराया गया। लेख में एक महत्त्वपूर्ण उदाहरण दिया गया है जहाँ किशोरों ने अपने संवैधानिक ज्ञान का उपयोग कर गाँव की एक टूटी पुलिया के निर्माण के लिए पंचायत को जवाबदेह बनाया। यह अनुभव दर्शाता है कि जब शिक्षा को किताबी ज्ञान से निकालकर वास्तविक जीवन की समस्याओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ा जाता है, तो विद्यार्थी आत्मविश्वास से भरे ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में उभरते हैं।
| Item Type: | Article |
|---|---|
| Discipline: | Education |
| Programme: | Works of Partner Organisations > Digantar > Shiksha Vimarsh |
| Title(English): | Constitutional Literacy in the Lives of Adolescents |
| Creators(English): | Navendu Mishra, Gaurav Jaiswal, and Shirish Kumar |
| Publisher: | Digantar |
| Journal or Publication Title(English): | Shikhsha Vimarsh |
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| URI: | http://anuvadasampada.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5639 |
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ಅಜೀಂ ಪ್ರೇಮ್ಜಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಅನುವಾದ ಉಪಕ್ರಮದ ವತಿಯಿಂದ ಇದನ್ನು ಇಂಗ್ಲೀಷ್ನಿಂದ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸಂಪನ್ಮೂಲವನ್ನು ವಾಣಿಜ್ಯೇತರ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಉದ್ದೇಶಗಳಿಗೆ ಬಳಸಬಹುದಾಗಿದೆ.
