गणित शिक्षण भाग-II: दस का दम (गिनने में)
रविकान्त, (2019) गणित शिक्षण भाग-II: दस का दम (गिनने में) शिक्षा विमर्श. pp. 22-26. ISSN 2231-0509
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Introduction
यह लेख प्रारम्भिक स्तर पर गणित शिक्षण, विशेषकर गिनती सिखाने की पद्धति पर एक व्यावहारिक विमर्श प्रस्तुत करता है। लेखक का तर्क है कि गिनती केवल संख्याओं के नाम या अंकों को रटने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें मात्रा और संख्याओं के आपसी सम्बन्धों की समझ शामिल होना अनिवार्य है। लेख 'दस का दम' के माध्यम से स्थानीय मान (Place Value) की आधारशिला रखने पर ज़ोर देता है। इसमें तीलियों के बंडल, माला या खम्भों के उदाहरण से समझाया गया है कि कैसे बच्चे 10 के समूह बनाकर बड़ी संख्याओं की अवधारणा को ठोस रूप में समझ सकते हैं। यह प्रक्रिया रटने की परिपाटी को बदलकर गणितीय सोच विकसित करने और संख्याओं को उनके सही अर्थ में पहचानने में मदद करती है।
| Item Type: | Article |
|---|---|
| Discipline: | Education |
| Programme: | Works of Partner Organisations > Digantar > Shiksha Vimarsh |
| Title(English): | Mathematics Teaching Part-II: The Power of Ten (In Counting) |
| Creators(English): | Ravikant |
| Publisher: | Digantar |
| Journal or Publication Title(English): | Shikhsha Vimarsh |
| Related URLs: | |
| URI: | http://anuvadasampada.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5643 |
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Disclaimer
Translated from English to Hindi/Kannada by Translations Initiative, Azim Premji University. This academic resource is intended for non-commercial/academic/educational purposes only.
अनुवाद पहल, अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा अँग्रेज़ी से हिन्दी में अनूदित। इस अकादमिक संसाधन का उपयोग केवल ग़ैर-व्यावसायिक, अकादमिक एवं शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
ಅಜೀಂ ಪ್ರೇಮ್ಜಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಅನುವಾದ ಉಪಕ್ರಮದ ವತಿಯಿಂದ ಇದನ್ನು ಇಂಗ್ಲೀಷ್ನಿಂದ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸಂಪನ್ಮೂಲವನ್ನು ವಾಣಿಜ್ಯೇತರ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಉದ್ದೇಶಗಳಿಗೆ ಬಳಸಬಹುದಾಗಿದೆ.
