गणित शिक्षण भाग-III: दस का दम (लिखने-पढ़ने में)
रविकान्त, (2019) गणित शिक्षण भाग-III: दस का दम (लिखने-पढ़ने में) शिक्षा विमर्श. pp. 25-31. ISSN 2231-0509
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Introduction
यह लेख प्रारम्भिक स्तर पर 20 तक की संख्याओं को लिखने और पढ़ने की शिक्षण पद्धति पर केन्द्रित है। लेखक पारम्परिक 'रटने और नकल करने' की पद्धति की आलोचना करते हुए इसे अर्थहीन बताते हैं, जो बच्चों में बिना सोचे-समझे गिनती दोहराने की प्रवृत्ति पैदा करती है। इसके विकल्प के रूप में लेख 'दस के दम' यानी स्थानीय मान की ठोस समझ पर ज़ोर देता है। इसमें तीलियों और बंडलों जैसे मूर्त संसाधनों का उपयोग करके संख्याओं को 'गढ़ने' (बनाने) और 'बूझने' (पहचानने) की वकालत की गई है। इस पद्धति से बच्चे यह समझ पाते हैं कि '14' का अर्थ केवल दो अंक नहीं, बल्कि 'दस का एक समूह और चार इकाइयाँ' है। यह लचीला आधार बच्चों को आगे चलकर बड़ी और बहुअंकीय संख्याओं को समझने में सक्षम बनाता है।
| Item Type: | Article |
|---|---|
| Discipline: | Education |
| Programme: | Works of Partner Organisations > Digantar > Shiksha Vimarsh |
| Title(English): | Mathematics Teaching Part-III: The Power of Ten (In Reading and Writing) |
| Creators(English): | Ravikant |
| Publisher: | Digantar |
| Journal or Publication Title(English): | Shikhsha Vimarsh |
| Related URLs: | |
| URI: | http://anuvadasampada.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5644 |
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Disclaimer
Translated from English to Hindi/Kannada by Translations Initiative, Azim Premji University. This academic resource is intended for non-commercial/academic/educational purposes only.
अनुवाद पहल, अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा अँग्रेज़ी से हिन्दी में अनूदित। इस अकादमिक संसाधन का उपयोग केवल ग़ैर-व्यावसायिक, अकादमिक एवं शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
ಅಜೀಂ ಪ್ರೇಮ್ಜಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಅನುವಾದ ಉಪಕ್ರಮದ ವತಿಯಿಂದ ಇದನ್ನು ಇಂಗ್ಲೀಷ್ನಿಂದ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸಂಪನ್ಮೂಲವನ್ನು ವಾಣಿಜ್ಯೇತರ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಉದ್ದೇಶಗಳಿಗೆ ಬಳಸಬಹುದಾಗಿದೆ.
