मानविकी और शिक्षा
पण्ड्या, हिमांशु (2019) मानविकी और शिक्षा शिक्षा विमर्श. pp. 4-16. ISSN 2231-0509
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Introduction
यह लेख शिक्षा में मानविकी (Humanities) के महत्त्व और समाज निर्माण में उसकी भूमिका पर एक सार्थक व्याख्यान प्रस्तुत करता है। लेखक के अनुसार, शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल आज्ञाकारी नागरिक तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसी पीढ़ी का निर्माण करना है जो तर्कशील हो और सामाजिक रूढ़ियों व कुरीतियों पर सवाल उठा सके। लेख में प्राथमिक शिक्षकों की भूमिका को सबसे चुनौतीपूर्ण और महत्त्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि वे ही बच्चों की मौलिक प्रतिभा और संवेदनशीलता को निखारने का कार्य करते हैं। लेखक का तर्क है कि मानविकी का सम्बन्ध केवल साहित्य से नहीं, बल्कि शान्ति स्थापना, सामाजिक परिवर्तन और यहाँ तक कि एक बेहतर वैज्ञानिक बनने से भी है। यह लेख रटन्त विद्या के बजाय बच्चों के भीतर विवेक और स्वतंत्र सोच विकसित करने की वकालत करता है।
| Item Type: | Article |
|---|---|
| Discipline: | Education |
| Programme: | Works of Partner Organisations > Digantar > Shiksha Vimarsh |
| Title(English): | The Humanities and Education |
| Creators(English): | Himanshu Pandya |
| Publisher: | Digantar |
| Journal or Publication Title(English): | Shikhsha Vimarsh |
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| URI: | http://anuvadasampada.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5656 |
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Disclaimer
Translated from English to Hindi/Kannada by Translations Initiative, Azim Premji University. This academic resource is intended for non-commercial/academic/educational purposes only.
अनुवाद पहल, अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा अँग्रेज़ी से हिन्दी में अनूदित। इस अकादमिक संसाधन का उपयोग केवल ग़ैर-व्यावसायिक, अकादमिक एवं शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
ಅಜೀಂ ಪ್ರೇಮ್ಜಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಅನುವಾದ ಉಪಕ್ರಮದ ವತಿಯಿಂದ ಇದನ್ನು ಇಂಗ್ಲೀಷ್ನಿಂದ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸಂಪನ್ಮೂಲವನ್ನು ವಾಣಿಜ್ಯೇತರ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಉದ್ದೇಶಗಳಿಗೆ ಬಳಸಬಹುದಾಗಿದೆ.
