शैक्षिक आन्दोलन और सामाजिक सक्रियता के अन्य पड़ाव
मिश्र, श्याम नारायण (2021) शैक्षिक आन्दोलन और सामाजिक सक्रियता के अन्य पड़ाव शिक्षा विमर्श. pp. 29-38. ISSN 2231-0509
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Introduction
प्रस्तुत आलेख लेखक श्याम नारायण मिश्र की आत्मकथा का एक अंश है, जो आज़ादी के बाद के दशकों में बिहार की माध्यमिक शिक्षा और शिक्षकों के संघर्ष को रेखांकित करता है। लेखक ने बताया है कि किस प्रकार 1960 और 70 के दशक में जनसहयोग से गाँवों में स्कूल तो खुले, परन्तु वहाँ कार्यरत शिक्षकों का जीवन और भविष्य घोर अनिश्चितता में था। सीमित संसाधनों और नियमित वेतन के अभाव जैसी बदतर परिस्थितियों से जूझते हुए शिक्षकों ने स्वयं को संगठित करना शुरू किया। आलेख दो दशकों के लम्बे सांगठनिक प्रयासों, दृढ़ इच्छाशक्ति और एकाधिक आन्दोलनों की उस गौरवशाली गाथा को जीवन्त करता है, जिसके परिणामस्वरूप अन्तत: 1980 में बिहार के माध्यमिक विद्यालयों का सरकारीकरण सम्भव हो सका। यह संस्मरण शैक्षणिक सुधारों के साथ-साथ एक शिक्षक की सामाजिक सक्रियता को भी दर्शाता है।
| Item Type: | Article |
|---|---|
| Discipline: | Education |
| Programme: | Works of Partner Organisations > Digantar > Shiksha Vimarsh |
| Title(English): | Educational Movements and Other Milestones of Social Activism |
| Creators(English): | Shyam Narayan Mishra |
| Publisher: | Digantar |
| Journal or Publication Title(English): | Shikhsha Vimarsh |
| Related URLs: | |
| URI: | http://anuvadasampada.azimpremjiuniversity.edu.in/id/eprint/5664 |
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Disclaimer
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अनुवाद पहल, अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा अँग्रेज़ी से हिन्दी में अनूदित। इस अकादमिक संसाधन का उपयोग केवल ग़ैर-व्यावसायिक, अकादमिक एवं शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
ಅಜೀಂ ಪ್ರೇಮ್ಜಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಅನುವಾದ ಉಪಕ್ರಮದ ವತಿಯಿಂದ ಇದನ್ನು ಇಂಗ್ಲೀಷ್ನಿಂದ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸಂಪನ್ಮೂಲವನ್ನು ವಾಣಿಜ್ಯೇತರ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಉದ್ದೇಶಗಳಿಗೆ ಬಳಸಬಹುದಾಗಿದೆ.
